नागरिक अधिकार-पत्र

नागरिक अधिकार-पत्र

भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न संस्थान, पुणे के संबंध में दूरदर्शिता एवं लक्ष्य अनुलग्नक – I के रूप में संलग्न है।
1. संगठन के कार्यों का विवरण:

संस्थान का मुख्य व्यवसाय (कार्य) फ़िल्म निर्माण की कला और शिल्प में छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान करना और दूरदर्शन के कार्मिकों को सेवा प्रशिक्षण प्रदान करना है। संस्थान के विस्तृत उद्देश्यों को अनुलग्नक -2 के रूप में संलग्न किया गया है। वर्ष 2015 के लिए विवरणिका की एक प्रति भी इस वेबसाइट पर उपलब्ध है।

2. क्लाइअन्ट / ग्राहकों का विवरण / प्रकार

संस्थान के मुख्य क्लाइअन्ट / ग्राहक फ़िल्म और टेलीविज़न पाठ्यक्रम के विद्यार्थीगण, दूरदर्शन द्वारा नियुक्त टीवी प्रशिक्षु , आईआईएस प्रोबेशनर्स आदि तथा अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के प्रतिभागीगण हैं।

3. ग्राहकों / नागरिकों से अपेक्षाएं

छात्र एवं टीवी प्रशिक्षार्थी फ़िल्म और टीवी मीडिया की कला और शिल्प में व्यवस्थित प्रशिक्षण की उम्मीद करते हैं। बाहरी प्रोड्यूसरों की अपेक्षा उनकी फ़िल्मों और टीवी निर्माण के लिए उचित दर पर अच्छी गुणवत्ता वाले उपकरण, प्रशिक्षित तकनीशियनों एवं उपयुक्त स्थानों की समय पर व्यवस्था तक ही सीमित हैं। सेवा प्रशिक्षण प्रतिभागियों के बीच बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान का अवसर प्रदान करता है तथा नई तकनीकी पहलुओं के माध्यम से उनके कौशल एवं प्रदर्शन को निखारता है।

4. प्रत्येक ग्राहक / उपयोगकर्ता समूह को प्रदान की जाने वाली सेवाओं का विवरण (प्राथमिकता के तौर पर टिप्पणी प्रपत्र में)

संस्थान के छात्रों और यहां प्रशिक्षित टीवी प्रशिक्षुओं की संख्या दर्शाते हुए एक विवरण अनुलग्नक-III में संलग्न है

5. सेवा के मानकों के बारे में जानकारी दें जैसे सार्वजनिक इंटरफ़ेस से जुड़े विभिन्न कार्यों के निष्पादन के लिए समय सीमाएं और कर्मचारियों की सौजन्य और सहायकता के संदर्भ में सेवा की गुणवत्ता के बारे में बताएं

एक शैक्षणिक संस्थान होने के नाते, संस्थान की मुख्य सेवा पदविका पाठ्यक्रम, एक वर्षीय ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन-सर्विस ट्रेनीज’ और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों में नामांकित फ़िल्म और टेलीविज़न के छात्रों को प्रशिक्षण देने से संबंधित है। विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रम शैक्षिक परिषद द्वारा डिजाइन किए गए हैं जिनमें उद्योग जगत के प्रोफेशनल और अध्यापक शामिल हैं। पाठ्यक्रमों की निश्चित अवधि होती है, जिसके दौरान फ़िल्म, टेलीविज़न और संबंधित विषयों के सभी महत्वपूर्ण उपादानों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। शिक्षकों को भर्ती नियमों के अनुरूप योग्यता और अनुभव के मानकों के अनुसार नियुक्त किया जाता है। छोटे पाठ्यक्रम 2 सप्ताह से 12 सप्ताह तक अवधि के होते हैं। संस्थान में दो विंग हैं: फ़िल्म और टीवी स्कंध। भाफिटेसं निम्नलिखित पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

I. निम्नलिखित पांच विशेषज्ञताओं तीन वर्षीय ‘पोस्ट ग्रेजुएट पदविका इन फ़िल्म एंड टेलीविज़न’
  • क. निर्देशन एंड पटकथा लेखन
  • ख. चलचित्रांकन
  • ग. संपादन
  • घ. ध्वनि मुद्रण एवं ध्वनि संरचना
  • ङ. कला निर्देशन एवं निर्माण संरचना
II. फ़िल्म अभिनय में दो वर्षीय स्नातकोत्तर पदविका पाठ्यक्रम
III. फीचर फ़िल्म पटकथा लेखन में एक वर्षीय स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम
IV. निम्नलिखित चार विशेषज्ञताओं में ‘पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट कोर्स इन टेलीविज़न‘
  • क. निर्देशन
  • ख. इलेक्ट्रॉनिक चलचित्रांकन
  • ग. वीडियो संपादन
  • घ. ध्वनि मुद्रण एंड टीवी अभियांत्रिकी
6. शिकायत निवारण तंत्र और अभिगम क्रियावली का विवरण

नागरिकगण नीचे दिए गए किसी भी अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। किसी जानकारी एवं आवश्यक सहायता प्राप्त करने के लिए इंफॉर्मेशन एंड फैसिलिएशन काउंटर (आईएफसी) या निम्नलिखित किसी भी अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। आईएफसी टीवी बिल्डिंग (रूम नं. 330) की दूसरी मंजिल पर अवस्थित है। शिकायत / परिवेदना, यदि कोई हो, तुरंत स्वीकार की जाएगी और 30 दिनों के भीतर जवाब दिया जाएगा (स्वीकृति के लिए 7 कार्य दिवस) और सामान्य उत्तर एवं / या अन्य उत्तर के लिए लगभग 30 - 40 कार्य दिवसों के भीतर उत्तर दिया जाएगा। केंद्रीय स्तर पर प्रमुख / नीति / नियोजन के मुद्दों के संबंध में, नागरिकगण निदेशक, भाफिटेसं, पुणे से सम्पर्क कर/ परिवेदन / शिकायत भेज सकते हैं।

प्रवेश से संबंधित विशेष मामले

इंफॉर्मेशन एंड फैसिलिएशन काउंटर (आईएफसी) पर अधिकारी से दूरभाष सं. 020- 25580022 पर संपर्क किया जा सकता है।

अन्य शिकायतों के लिए

कुल सचिव कार्यालय
दूरभाष सं. : (020) 25580006
फैक्स सं.: (020) 25580151
ईमेल: registrarftii2013@gmail.com

क्रम सं विवरण टिप्पणी
1 क्या विभाग ने स्वीकृत सिटिजन चार्टर प्रकाशित किया है? हाँ
2 क्या विभाग ने सेवा प्रदाता इकाइयों में चार्टर को प्रसारित किया है? हाँ
3 क्या विभाग ने सिटिजन चार्टर के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को पब्लिक ग्रीवन्सेज/नोडल अधिकारी के निदेशक के रूप में नियुक्त किया है? हाँ
4 क्या विभाग ने मानकों के अनुसार तथा प्रतिनिधि नागरिक समूहों को शामिल कर स्व-मूल्यांकन करने के लिए सिटिजन चार्टर के निर्माण, कार्यान्वयन और समीक्षा के लिए टास्क फोर्स स्थापित किया है? प्रक्रिया में
5 क्या विभाग ने शिकायत दर्ज कराने एवं समाधान प्रक्रिया तथा समाधान के लिए समय-सीमा को प्रकाशित किया है? हाँ

संस्थान ने भाफिटेसं के कर्मचारियों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं को देखने के लिए कुल सचिव को ‘कर्मचारी शिकायत अधिकारी (स्टाफ ग्रीवन्स ऑफिसर)’ नियुक्त किया है। ऐसे में प्रतिबद्धताओं की पूर्ति के लिए, निदेशक, भाफिटेसं से निम्नलिखित पते पर संपर्क किया जा सकता है।

श्री भूपेन्द्र कैन्थोला, आईआईएस,निदेशक
भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न संस्थान,
विधि महाविद्यालय मार्ग,
पुणे - 411004
दूरभाष: (020) 25580004 (कार्यालय) (020) 25580003 (निवास)
ई-मेल: filminst@gmail.com

7. चार्टर की वार्षिक समीक्षा एवं बाहरी एजेंसी द्वारा प्रदर्शन परीक्षण के लिए एक अंतर्निहित प्रावधान होना चाहिए।

संस्थान की शैक्षिक गतिविधियां और अन्य कार्यक्रम सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को प्रस्तुत वार्षिक प्रतिवेदन में परिलक्षित होते हैं। संस्थान के खातों की लेखा परीक्षा भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की सिफारिश पर नियुक्त चार्टर्ड एकाउंटेंट्स द्वारा की जाती है। इसके लिए साथ प्रधान लेखा परीक्षा निदेशक, केंद्रीय, मुम्बई द्वारा भी वार्षिक रूप से लेख का निरीक्षण किया जाता है।

8. जिस स्तर पर चार्टर को स्वीकृति प्रदान की गई है: निदेशक भाफिटेसं
9.उपयोगकर्ताओं से फीडबैक / सुझावों के एक प्रावधान को चार्टर में इंगित किया जा सकता है।

भाफिटेसं छात्र संघ के माध्यम से विद्यार्तियों के साथ निरंतर वार्तालाप बनाए रखा जाता है। टीवी प्रशिक्षुओं को उनके पाठ्यक्रम के अंत में शैक्षिक सहयोग और संस्थान के अन्य पहलुओं पर प्रतिक्रिया और सुझाव, यदि कोई हो, प्रदान करने का अनुरोध किया जाता है। इसके अलावा, नियमित अंतराल पर नियमित पाठ्यक्रम के छात्रों से प्रतिक्रिया प्राप्त की जाती है।

अनुलग्नक-I

संस्थान फ़िल्म, टेलीविज़न और संबद्ध मीडिया के क्षेत्र में रचनात्मक अभिव्यक्ति, स्वतंत्र उद्यम को को प्रोत्साहित करने तथा फ़िल्म, टीवी और मीडिया उद्योग के लिए अच्छी तरह से सुशिक्षित प्रोफेशनल्स के सृजन के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने का प्रयास करता है। यह फ़िल्म और टीवी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ाने तथा नई अवधारणाओं और प्रथाओं को विकसित करने की भी कोशिश करता है।

अनुलग्नक- II
OBJECTIVES

उद्देश्य: वे उद्देश्य, जिनके लिए संस्थान को स्थापित किया गया है:

  1. भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न कार्यक्रमों के तकनीकी मानकों को बढ़ाने के लिए अनवरत प्रयास करना, जिससे सिनेमा और टेलीविज़न के क्षेत्र में नए विचारों के नियमित अंतर्वाह तथा इन विचारों एवं तकनीकों को आत्मसात करनेवाले प्रशिक्षित कार्मिकों के बहिर्वाह की नियमित सुविधा के लिए उन्हें सौन्दर्यपरक रूप से अधिक संतोषजनक एवं स्वीकार्य बनाना।
  2. भारतीय फ़िल्म और टेलीविज़न कार्यक्रमों के तकनीकी मानकों को बढ़ाने के लिए अनवरत प्रयास करना, जिससे सिनेमा और टेलीविज़न के क्षेत्र में नए विचारों के नियमित अंतर्वाह तथा इन विचारों एवं तकनीकों को आत्मसात करनेवाले प्रशिक्षित कार्मिकों के बहिर्वाह की नियमित सुविधा के लिए उन्हें सौन्दर्यपरक रूप से अधिक संतोषजनक एवं स्वीकार्य बनाना।
  3. भारत में फ़िल्म उद्योग और टेलीविज़न संगठनों की बढ़ती जरूरतों और विशेष रूप से टेलीविज़न कार्मिकों के लिए सेवा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रशिक्षित जनशक्ति का सृजन करना।
  4. फ़िल्म और टेलीविज़न क्षेत्र के भावी कार्मिकों में न सिर्फ मनोरंजन साधन के रूप में, बल्कि शिक्षा एवं कला प्रदर्शन के क्षेत्र में भी उनकी संभावनाओं को लेकर नई जागरूकता पैदा करना।
  5. अन्य राष्ट्रीय एवं/ या विदेशी संस्थानों तथा फ़िल्म टेलीविज़न और प्रदर्शन कला के क्षेत्र में संस्थानों और संगठनों के साथ सहयोग करना या उसके साथ मिलकर काम करना।
  6. सिनेमा और टेलीविज़न तथा संबद्ध विषयों के लिए फ़िल्म निर्माण की कला और शिल्प में स्नातकोत्तर शिक्षण प्रदान करना।
  7. फ़िल्म एवं टेलीविज़न की विभिन्न शाखाओं में अनुसंधान और सेवाएं प्रदान करना।
  8. स्नातकोत्तर अध्ययन और अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के लिए पाठ्यक्रमों और पाठ्य विषयों को निर्धारित करना।
  9. आवश्यकतानुसार परीक्षाएं आयोजित करना और उसी के अनुसार पदविका और प्रमाण-पत्र और अन्य शैक्षिक विशेष सम्मान प्रदान करना;
  10. रिफ्रेशर पाठ्यक्रमों, समर स्कूल आयोजित करना तथा व्याख्यान देने एवं / या अनुसंधान विकास के लिए देश-विदेश से विशेषज्ञों एवं शोध विद्वानों को आमंत्रित करना तथा उन्हें उचित पारिश्रमिक का भुगतान करना।
  11. संस्थान के छात्रों एवं कर्मचारी सदस्यों को फेलोशिप, छात्रवृत्ति एवं अन्य के जरिए भारत एवं विदेश में संगोष्ठियों, सम्मेलनों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए नियुक्त करना।
  12. संस्थान के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए पत्रिका, आवधिक, मोनोग्राफ पोस्टर मुद्रित, प्रकाशित और या फ़िल्मों को प्रदर्शित करना।
  13. संस्थान के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अन्य शैक्षणिक निकायों सरकारी, गैर-सरकारी के प्रयासों में सहभागी बनना एवं सहयोग करना।
  14. फ़िल्म और टेलीविज़न में अध्ययन और शोध में रूचि बढ़ाने की दृष्टि से छात्रवृत्ति, फैलोशिप, मौद्रिक सहायता का स्थापन एवं उसे प्रदान करना।
  15. नियमों और उप-नियमों के अनुसार किसी भी विवरण के प्राध्यापकशिप, रीडरशिप, लेक्चररशिप और पदों का स्थापन तथा व्यक्तियों को नियुक्त करना।
  16. संस्थान के विद्वानों, अधिकारियों, कर्मचारी सदस्यों और संस्थान के छात्रों के निवास के लिए हॉल और हॉस्टल की स्थापना, रखरखाव और प्रबंधन तथा फीस एवं अन्य शुल्कों को तय एवं उसकी वसूली करना।
  17. संस्थान के उद्देश्य से किसी भी सरकार, निगम, ट्रस्ट या व्यक्ति से अनुदान, चंदा, दान, उपहार, धर्मदान, उत्तरदान और चल एवं अचल दोनों संपत्तियों का हस्तांतरण स्वीकार करना, बशर्तें कोई शर्त या संस्थान के उद्देश्यों के विपरीत कोई अनुग्रह (बाध्यता) न हो तथा विदेशी सरकार, विदेशी संगठनों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अनुदान एवं उपहारों के मामले में केंद्रीय सरकार से पूर्वानुमति ली जाती है।
  18. उस निधि का रखरखाव करना, जो जमा की जाएंगी:
    • क. केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त सभी राशियां
    • ख. संस्थान द्वारा प्राप्त सभी फीस और अन्य शुल्क
    • ग. अनुदान, उपहार, चंदा, दान, धर्मदान, उत्तरदान और हस्तांतरण के माध्यम से संस्थान द्वारा प्राप्त सभी राशियां; तथा
    • घ. किसी भी अन्य तरीके से या किसी अन्य स्रोत से संस्थान द्वारा प्राप्त सभी राशियां
  19. निधियों में जमा सभी राशियों को बैंकों में जमा करना या संस्थान के निर्णय के अनुसार उसे निवेश करना।
  20. संस्थान के उद्देश्य के लिए आवश्यक चेक, नोट्स एवं अन्य निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स को आहरित करना, बनाना, लिखना, स्वीकार, पृष्ठांकित तथा बट्टा काटना और इस उद्देश्य से ऐसे ऐस्योरेंश एवं डीड को हस्ताक्षरित, निष्पादित एवं डिलीवर करना।
  21. संस्थान से संबंधित निधियों या ऐसी निधियों के किसी विशेष हिस्से से संस्थान के गठन से जुड़े संभी आकस्मिक व्यय, सभी किरायों, दरों, करों, निर्गामी एवं कर्मचारियों के वेतन सहित संस्थान के कार्यकलापों के प्रबंधन एवं प्रशासन के लिए समय-समय पर संस्थान द्वारा किए गए व्यय का भुगतान करना।
  22. संस्थानों के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों या संस्थान के पूर्व कर्मचारियों या अन्य पत्नियों, विधवाओं, बच्चों या ऐसे व्यक्तियों पर अन्य आश्रितों को पेंशन, ग्रैच्युइटी या दान करने की सहायता प्रदान करना।
  23. बीमा के प्रति भुगतान करना तथा संस्थान द्वारा नियुक्त किसी भी व्यक्ति, उनकी पत्नियों, विधवाओं, बच्चों या ऐसे आश्रित व्यक्तियों के लिए भविष्य निधि एवं लाभ निधि में योगदान करना।
  24. संस्थान के उद्देश्य से किसी भी रूप में संपत्ति का अधिग्रहण, अधिकार और निपटान करना, बशर्ते अचल संपत्ति के निपटारे के मामले में केंद्र सरकार से पूर्वानुमति प्राप्त की जाय।
  25. संस्थान से संबंधित किसी भी संपत्ति का उपयोग इस तरह से करना, जो संस्थान के लक्ष्यों को आगे बढ़ने के लिए उचित हो।
  26. केंद्र सरकार की पूर्वानुमति के साथ, प्रतिभूति के साथ या बिना किसी प्रतिभूति के या किसी बंधक की प्रतिभूति पर या शुल्क या हाइपोथेकेशन या गिरवी या किसी अन्य रूप में राशि कर्ज लेना या राशि संग्रहित करना।
  27. संस्थान के किसी भी निवेश और धनजनित, जो उसे किसी लक्ष्य के लिए तत्काल आवश्यक न हों, सौदे के लिए संस्थान के संविधान द्वारा समय-समय पर लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदान करना।
  28. संस्थान के लक्ष्यों के संबंध में घरों, छात्रावासों, स्कूलों या अन्य इमारतों को बनाने, निर्माण और रखरखाव करना तथा वर्तमान भवनों के साथ उसे परिवर्तित, विस्तारित, उन्नत, मरम्मत, बड़ा या रूपांतरित करना तथा ऐसे भवनों के उपयोग के लिए उसे प्रकाश, पानी, जल निकासी, फर्नीचर, फिटिंग, उपकरण, उपस्कर एवं सामग्रियों प्रदान एवं सुसज्जित करना।
  29. संस्थान के अधिकार वाली भूमि, मनोरंजन स्थल या खेल के मैदान, पार्कों एवं अन्य किसी अचल संपत्ति का निर्माण या अन्य रूप से अधिग्रहण, लेआउट, मरम्मत, विस्तार, परिवर्तन, बड़ा करना एवं उन्नत बनाना।
  30. संस्थान के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उचित समितियों या उप-समितियों का गठन करना।
  31. संस्थान के कार्यकलापों को आयोजित करने के लिए नियमों एवं विनियमों का निर्माण करना तथा उसमें समय-समय पर संयोजन, परिवर्तन, रूपांतरण या उसे निरस्त करना।
  32. अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप संस्थान के सभी या किसी उद्देश्य को प्राप्त करने के आवश्यक एवं हितकर ऐसे सभी वैध कार्यों एवं चीजों, चाहे अधिकार आकस्मिक हो या नहीं, को करना।
अनुलग्नक - III

क – फ़िल्म स्कंध

सन् 1963 से 1999 तक उत्तीर्ण छात्र

क्रम सं. पाठ्यक्रम छात्रों की सं.
1 प्रगत निर्देशन 45
2 फ़िल्म निर्देशन में पदविकोत्तर 221
3 निर्देशन के पटकथा लेखन सह तत्व 74
4 चलचित्रांकन 316
5 ध्वनि मुद्रण और ध्वनि अभियांत्रिकी 253
6 फ़िल्म संपादन 283
7 फ़िल्म अभिनय 182
8 निर्माण प्रबंध (फ़िल्म एवं टेलीविज़न) 06
9 कला निर्देशन (फ़िल्म एवं टेलीविज़न) 08
कुल 1388

(ख) वर्ष 2000 to 2016 तक उत्तीर्ण छात्र

क्रम सं. पाठ्यक्रम छात्रों की सं.
1 निर्देशन में पदविका (2008 बैच तक) 77
2 चलचित्रांकन में पदविका (2008 बैच तक) 80
3 संपादन में पदविका (2008 बैच तक) 84
4 ध्वनि में पदविका (2008 बैच तक) 58
5 कला निर्देशन में पदविका (2012 बैच तक) 75
6 अभिनय में पदविका (2011 बैच तक) 149
7 टीवी निर्देशन (2014 बैच तक) 110
8 टीवी चलचित्रांकन (2014 बैच तक) 104
9 टीवी ध्वनि (2014 बैच तक) 107
10 टीवी संपादन (2014 बैच तक) 82
11 पटकथा लेखन (2014 बैच तक) 117
12 एनिमेशन (2005 से 2011 बैच तक) 70
कुल 1113

ख – टेलीविज़न स्कंध

क्रम सं. पाठ्यक्रम छात्रों की सं.
1 दूरदर्शन के कर्मचारियों के लिए पाठ्यक्रम (1974 से आज तक) 3859
2 लघु पाठ्यक्रम/ कार्यशालाएं (विश्वविद्यालयों / कॉलेजों / एआईबीडी / ज़ी टीवी कर्मचारी / पुलिस अधिकारियों इत्यादि के लिए) 1842
3 भारतीय सूचना सेवा परिवीक्षाधीन अधिकारी 273
कुल 5974

वर्ष 2003 से 2016 तक एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट कोर्सेज इन टेलीविज़न

क्रम सं. पाठ्यक्रम छात्रों की सं.
1 निर्देशन 127
2 इलेक्ट्रॉनिक चलचित्रांकन 118
3 वीडियो संपादन 121
4 ध्वनि मुद्रण तथा टीवी अभियांत्रिकी 131
कुल 452